वर्तमान में, 27 अप्रैल 2021 को भारत में कोरोनावायरस (COVID-19) के 2,882,204 एक्टिव केस हैं। यह हमारे विशाल आबादी वाले राष्ट्र के लिए बहुत चिंता का विषय बन गया है। देश में लगभग 14,556,209 कोरोनावायरस रोगियों को डिस्चार्ज किया गया है और उनका उपचार किया गया है। अब तक 14, 52,71,186 लोगों को वैक्सीन लगाया गया है।
अब यह यूरोप और अमेरिका की तरह भारत में भी व्यापक रूप से फैल रहा है, इसलिए किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति के लिए पहले से ही तैयार रहना महत्वपूर्ण है। लेकिन अगर आपके पास हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी है, तो सवाल यह है कि क्या नॉवेल कोरोनवायरस बीमारी भारत में मेडिकल इंश्योरेंस कवरेज के दायरे में आती है या नहीं?
कोरोनावायरस क्या है?
नॉवेल कोरोनावायरस (COVID-19) वायरस का एक ग्रुप है जो मानव इम्यून सिस्टम पर हमला करता है जिससे आम सर्दी से लेकर सीवियर एक्यूट रेस्पेरेटिरी सिंड्रोम या SARS तक की बीमारियां होती हैं। दिसंबर 2019 के अंत में, कोरोनावायरस का एक नया स्ट्रेन चीन में उत्पन्न हुआ, जो मनुष्यों में पहले ज्ञात नहीं था। यह नॉवेल कोरोनवायरस वायरस या COVID-19 के रूप में जाना जाने लगा।
कोरोनावायरस रोग के कारण नाक, ऊपरी गले और साइनस में संक्रमण होता है। गंभीर मामलों में, वायरस के कारण प्रमुख रेस्पेरेटरी इलनेस जैसे कि निमोनिया, किडनी फेलियर के साथ-साथ मल्टीपल आर्गन फेलियर होता है। इसलिए, 2019-nCoV या नॉवेल कोरोनवायरस वायरस 60 साल से अधिक उम्र के लोगों और उन लोगों के लिए घातक है, जिनको पहले से चिकित्सीय समस्याएं थी।
कोरोनावायरस संक्रमण के लक्षण नियमित फ्लू के समान होते हैं जिसमें गले में खराश, बुखार, सूखी खांसी, नाक बहना और कभी-कभी सिरदर्द भी शामिल है। कोरोनावायरस का एक नया स्ट्रेन होने के कारण, अब तक कोई वैक्सीनेशन या गारंटीड इलाज उपलब्ध नहीं है।
कोरोनावायरस हेल्थ इन्शुरन्स क्या है?
कोरोनावायरस हेल्थ इंश्योरेंस ऐसी इंश्योरेंस पॉलिसी को रिफर करता है जो COVID-19 के उपचार पर होने वाले मेडिकल एक्सपेंसेस को कवर करती है। एक कोरोनोवायरस हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को इस बात पर ध्यान दिये बिना पॉलिसीहोल्डर के हास्पिटलिज़ेशन के एक्सपेंसेस को कवर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, कि उसमें कौन सी बीमारी का पता चला है (जब तक कि यह एक गंभीर बीमारी नहीं है जिसे कवर नहीं किया गया है)। लगभग सभी हेल्थ इंश्योरेंस प्लान्स वायरल इन्फेक्शन के उपचार पर होने वाले हास्पिटलिज़ेशन एक्सपेंसेस को कवर करती हैं। चूंकि कोरोनावायरस एक वायरल इन्फेक्शन है, इसलिए काम्प्रिहेन्सिव हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी COVID-19 के उपचार पर होने वाले इन-पेसेंट और आउट-पेसेंट के एक्सपेंसेस सहित प्री और पोस्ट हास्पिटलिज़ेशन के खर्चों का भुगतान करती है।
कोरोनोवायरस कवर के लिए हेल्थ इंश्योरेंस उसी दिन से उपलब्ध होगा जिस दिन इन्श्योर्ड में बीमारी का पता चलता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि COVID-19 एक नई बीमारी है और इसलिए, पहले से मौजूद बीमारी की कैटेगरी में नहीं आती है।
कोरोनावायरस हेल्थ इन्शुरन्स (COVID-19) के प्रमुख बेनिफिट्स
कोरोनावायरस हेल्थ इन्शुरन्स के कुछ प्रमुख बेनिफिट्स नीचे दिये गए हैं:
कोरोनवायरस का उपचार
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जीरो एडिशनल कॉस्ट के बिना कवर किया गया
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होम ट्रीटमेंट:
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कवर किया गया है यदि डॉक्टर के द्वारा सुझाव दिया गया है
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कन्ज्यूमेबल एक्सपेंसेस
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PPE किट्स, वेंटिलेटर्स, मास्क, ग्लब्स,
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को-पेमेंट
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अधिकतर प्लान्स में ऐज बेस्ड को-पेमेंट नहीं है
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कैसलेस ट्रीटमेंट
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उपलब्ध
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ऐड-आून कवर्स
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उपलब्ध
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भारत में कोरोनावायरस हेल्थ इन्शुरन्स के प्रकार
यदि आप कोरोनवायरस (COVID-19) के लिए एक विशिष्ट हेल्थ इंश्योरेंस कवर की तलाश कर रहे हैं तो आप स्टैंडर्ड हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी पर विचार कर सकते हैं जो COVID-19 के उपचार के दौरान किए गए सभी मेडिकल एक्सपेंसेस को कवर करती है। ये दो स्टैंडर्ड प्रोडक्ट्स हैं जिन्हें हाल ही में IRDAI के दिशानिर्देशों के अनुसार लॉन्च किया गया है। और पॉलिसी की शर्तें भारत में सभी हेल्थ और जनरल इंश्योरेंस कंपनियों के लिए समान हैं। पॉलिसी बेनेफिट के साथ COVID-19 हेल्थ इंश्योरेंस प्लान्स टाइम की जांच करें:
- कोराना कवच पॉलिसी: COVID-19 इंश्योरेंस पॉलिसी
कोरोना कवच पॉलिसी एक स्टैंडर्ड कोरोनावायरस हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी है जिसमें हास्पिटलाइजेशन के एक्सपेंसेस , होम केयर ट्रीटमेंट कॉस्ट, एम्बुलेंस चार्ज, PPE किट की कीमत, दवाएं, ग्लब्स, मास्क, डॉक्टर की फीस, COVID-19 महामारी के उपचार के दौरान किए गए ICU चार्जेस शामिल हैं। सम अश्योर्ड 50,000 रुपये से शुरू होता है और 5 लाख रुपये तक जाता है। आप अपने परिवार को इस योजना के तहत कवर कर सकते हैं जो भारत में आयुष ट्रीटमेंट के लिए भी भुगतान करता है।
- कोरोना रक्षक पॉलिसी: COVID-19 इंश्योरेंस प्लान
कोरोना रक्षक पॉलिसी भी एक COVID-19 विशिष्ट हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी है जो भारत में COVID-19 उपचार के लिए न्यूनतम 72 घंटे और आवश्यकता के अनुसार अधिक दिनों तक हास्पिटलाइजेशन के लिए भुगतान करती है। पॉलिसी PPE, नेब्युलाइज़र, मास्क, ऑक्सीजन सिलेंडर, ग्लब्स, ऑक्सीमीटर, आयुष ट्रीटमेंट आदि पर होने वाले एक्सपेंसेस को कवर करता है जो रेगुलर मेडिकल इंश्योरेंस पॉलिसी में सीमित हैं। यह COVID-19 इंश्योरेंस पॉलिसी इंडिविजुअल सम अश्योर्ड के आधार पर 18-65 वर्ष के बीच के इंडिविजुअल्स के लिए उपलब्ध है जो 5 लाख रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक है। को-मोर्बिडिटी वाले आवेदक भी अतिरिक्त प्रीमियम का भुगतान करके इंश्योरेंस ले सकते हैं।
- कोरोनावायरस ग्रुप हेल्थ इन्शुरन्स
यदि आप एक ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत आते हैं, तो आपको अपने इन्श्योरर के साथ चेक करना चाहिए कि क्या यह कोरोनोवायरस ट्रीटमेंट के एक्सपेंसेस को कवर करता है या नहींं हालाँकि, यदि आपकी ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी कोरोना रक्षक या कोरोना कवच है तो आप निश्चित रूप से भारत में COVID-19 हास्पिटलाइजेशन के लिए कवर हैं।
भारत में कोरोनावायरस (COVID-19) के लिए हेल्थ इन्शुरन्स
कोरोनावायरस के प्रकोप के बाद से, कई इन्श्योरर अपने बेस प्लान में Covid-19 हेल्थ इंश्योरेंस कवर ऑफर कर रहे हैं। वे विशिष्ट Covid-19 इंश्योरेंस प्लान्स भी प्रदान कर रहे हैं, कोरोना कवच और कोरोना रक्षक प्लान्स ऐसे ही दो क्षतिपूर्ति(इन्डेम्निटी) और बेनेफिट आधारित प्लान्स हैं जो भारत में लोगों में लोकप्रिय रहा है। करोनावायरस के लिए इन दोनों मेडीक्लेम पॉलिसीज में कन्ज्यूमेबल आइटम्स के साथ हास्पिटलाइजेशन के एक्सपेंसेस, आयुष उपचार के एक्सपेंसेस , ओर होम ट्रीटमेंट के सभी एक्सपेंसेस कवर होते हैं।
डिस्क्लेमर: *पॉलिसीबाजार किसी इंश्योरर द्वारा दिए गए किसी विशिष्ट इंश्योरेंस प्रोवाइडर या इंश्योरेंस प्रोडक्ट को रेट, इंडोर्स या रिकमेंड नहीं करता है।
क्या आपकी मौजूदा हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी के तहत कोरोनोवायरस कवर होता है?
कोरोनावायरस डिजी़ज या COVID-19 नई खोजी गई बीमारी हो सकती है। लेकिन सभी मौजूदा हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियां कोरोनावायरस हेल्थ इंश्योरेंस कवर प्रदान करेंगी। इसका मतलब यह है कि यदि आपने कोरोनोवायरस डिज़ीज के लिए पॉजिटिव टेस्ट होने पहले हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदी है, तो इसके ट्रीटमेंट पर होने वाले किसी भी मेडिकल एक्सपेंसेस को इसके तहत कवर किया जाएगा (बशर्ते कि आपको प्रारंभिक वेटिंग पीरियड के दौरान डायग्नोस ना हुए हो)।
चूंकि कोरोनवायरस पहले से मौजूद डिज़ीज नहीं है, इसलिए इसे हेल्थ इंश्योरेंस प्लान के तहत बेसिक हास्पिटलाइजेशन के एक्सपेंसेस के हिस्से के रूप में कवर किया जाएगा, जिसमें अन्य के अलावा इन-पेसेंट हास्पिटलाइजेशन का एक्सपेंसेस, ICU चार्जेस और डायग्नोस्टिक टेस्ट के चार्ज शामिल हैं।
हालाँकि, यदि आपके पास पहले से हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी नहीं है और COVID-19 के लिए पॉजिटव टेस्ट होने के बाद खरीदने का निर्णय लेते हैं, तो कोरोनावायरस ट्रीटमेंट के एक्सपेंसेस को पॉलिसी के तहत कवर नहीं किया जाएगा।
कोरोनावायरस हेल्थ इन्शुरन्स इन्क्लूश़न
निम्नलिखित टेबल कोरोनावायरस हेल्थ इंश्योरेंस के तहत इन्क्लूश़न की सूची को दिखाती है:
इम्पोर्टेन्ट कवर्स
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स्टैंडर्ड कवर्स
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ऐड-ऑन कवर्स
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● इन-पेसेंट हास्पिटलाइजेशन के खर्चे
● प्री-हास्पिटलाइजेशन के खर्चे
● क्रिटिकल इलनेस हास्पिटलाइजेशन
● एक्सीडेंटल हास्पिटलाइजेशन
● डेकेयर प्रोसीज़र्स
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● रोड एम्बुलेंस एक्सपेंसेस
● ICU रूम रेंट
● आर्गन डोनर एक्सपेंसेस
● डेली हॉस्पिटल कैश:
● होम हास्पिटलाइजेशन
● पोस्ट-हास्पिटलाइजेशन के खर्चे
● अल्टरनेट ट्रीटमेंट
● रिकवरी बेनेफिट
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● न्यूबॉर्न बेबी कवर के साथ मेटर्निटी बेनेफिट
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कोरोनावायरस हेल्थ इन्शुरन्स इक्स्क्लूश़न
आपकी कोरोनावायरस (COVID-19) हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत मेडिकल के सभी एक्सपेंसेस कवर नहीं होते हैं। अपने कोरोनावायरस इंश्योरेंस के तहत इक्स्क्लूश़न की सूची को देखें
- होम क्वारंटाइन - यह पॉलिसी ऐसे किसी भी ऐसे एक्सपेंसेस को कवर नहीं करती है जो आप अपने घर पर क्वारंटाइन रहने के दौरान करते हैं
- गैर-मान्यता प्राप्त क्वारंटाइन सेंटर- यदि आप करोनावायरस ट्रीटमेंट गैर-मान्यता प्राप्त क्वारंटाइन सेंटर में क्वारंटाइन है, तो किये जाने वाले मेडिकल के खर्चो को आपकी पॉलिसी के तहत कवर नहीं किया जाएगा।
- प्री-एक्सिस्टिंग डिज़ीज- किसी प्री-एक्सिस्टिंग डिज़ीज के ट्रीटमेंट पर किये जाने वाले किसी मेडिकल एक्सपेंसेस को इस पॉलिसी के तहत कवर नहीं किया जाएगा जब तक की वेटिंग पीरियड समाप्त नहीं होता है।
- प्री-नेटल और पोस्ट नेटल एक्सपेंसेस-यह पॉलिसी इन्श्योर्ड के द्वारा किये गए कियी प्री-नेटल और पोस्ट नेटल एक्सपेंसेस को कवर नहीं करेगी जब तक कि इसके कारण हास्पिटलाइजेशन की आवश्यकता ना हुई हो।
- डॉक्टर की सिफारिश के बिना हास्पिटलाइजेशन-यदि आपको किसी क्वालिफाइड डॉक्टर (जैसा कि प्रिस्क्रिप्शन पर दिया गया है) की सिफारिश के बिना हास्पिटलाइज़ होते हैं, तो यह पॉलिसी उस पर होने वाले हास्पिटलाइजेशन के एक्सपेंसेस कवर नहीं करेगी।
सोशल डिस्टेंसिंग | सेल्फ-आइसोलेशन | क्वारंटाइन के बीच अंतर
सोशल डिस्टेंसिंग
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सेल्फ-आइसोलेशन
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क्वारंटाइन
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भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने, लोगों से मिलने, शादी, अंतिम संस्कार जैसे सामाजिक समारोहों में जाने, किसी के घर, सार्वजनिक स्थान पर जाने या मेडिकल सुविधा पर जाने से बचें जब तक आवश्यक न हो।
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यदि आपको लगता है कि आप किसी ऐसे व्यक्ति से मिले हैं, जो COVID-19 पॉजिटिव है या अस्वस्थ महसूस कर रहा है या उसकी प्रभावित देशों से यात्रा की हिस्ट्री है, तो आप वायरस के र्को सीमित करने के लिए सुरक्षात्मक उपाय कर सकते हैं और दूसरों से खुद को अलग कर सकते हैं।
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कोई भी व्यक्ति जिसमें हल्के लक्षण हैं और जिनका उपचार घर पर किया जा सकता है उन्हें घर पर क्वारंटाइन किया जाता है या यदि सीरियस है तो हास्पिटल में क्वारंटाइन किया जाता है और उचित मेडिकल ऑब्जरवेशन के तहत रखा जाता है। पेसेंट इसे खुद से कर सकता है या गवर्मेंट आथोरटीज के द्वारा किया जा सकता है जिसकी ओवरसीज़ की ट्रेवल हिस्ट्री है या COVID पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में रहा है।
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कोरोनावायरस (COVID-19) के लिए हेल्थ इन्शुरन्स का क्लेम कैसे करें?
कोरोनावायरस डिज़ीज के लिए हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम करने के दो तरीके हैं। कोरोनावायरस हेल्थ इंश्योरेंस और आरोग्य संजीवनी पॉलिसी जैसी अन्य हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के लिए क्लेम सेटलमेंट की प्रॉसेस लगभग समान है। आप कैशलेस क्लेम या रीइम्बर्स्मन्ट क्लेम फाइल कर सकते हैं। आइए कोरोनावायरस हेल्थ इंश्योरेंस कवर के दोनों प्रकार के क्लेम्स के बारे में विस्तार से पढ़ें:
- कैशलेस क्लेम्स
अधिकतर हेल्थ इंश्योरेंस प्रोवाइडर्स आज कैशलेस ट्रीटमेंट की सुविधा देते हैं। इस सुविधा के हिस्से के रूप में इन्श्यार्ड को इन्श्योरर के नेटवर्क हास्पिटल्स में से किसी एक में लिये गए ट्रीटमेंट के लिए कोई भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होती है। इसके बजाय, इंश्योरेंस कंपनी सीधे हास्पिटल के साथ ट्रीटमेंट में के बिल सेटल करती है।
इसलिए यदि आप अपने इंश्योरेंस प्रोवाइडर के नेटवर्क हास्पिटल में कोरोनावायरस (COVID-19) बीमारी के लिए उपचार करवाते हैं, तो आप कैशलेस ट्रीटमेंट सुविधा का लाभ उठा पाएंगे और लिये गए उपचार के लिए कोई भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी।
इस बात को चेक करना सुनिश्चित करें कि कोरोना के लिए आपका हेल्थ इंश्योरेंस कैशलेस क्लेम की सुविधा ऑफर करता है। आप पॉलिसी वर्डिंग या आपके इंश्योरेंस प्रोवाइडर की ऑफिशियल वेबसाइट पर अपने इन्श्योरर के नेटवर्क हास्पिटल्स की सूची पा सकते हैं।
- रीइम्बर्स्मन्ट क्लेम्स
रीइम्बर्स्मन्ट क्लेम्स उन पॉलिसीहोल्डर्स के लिए है जो अपने इंश्योरेंस प्रोवाइडर के नॉन-नेटवर्क हास्पिटल में हास्पिटलाज़्ड होते हैं और ट्रीटमेंट करवाते हैं। यदि आप अपने इन्श्योरर के नॉन-नेटवर्क हास्पिटल में COVID -19 के लिए ट्रीटमेंट करवाते हैं, तो आपको अपने डिस्चार्ज के समय हास्पिटल के सभी बिलों का पूरा भुगतान करना होगा।
जब आप डिस्चार्ज हो जाते हैं, तो आपको अपने इंश्योरेंस प्रावाइडर के साथ रीइम्बर्स्मन्ट क्लेम फाइल करना पड़ता है। ऐसा करने के लिए, आपको रीइम्बर्स्मन्ट क्लेम फार्म भरना होगा और हास्पिटल के बिल की पेमेंट रेसिप्ट्स, इन्वेस्टीगेशन और टेस्ट रिपोर्ट और डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन को निर्धारित समय सीमा के भीतर इन्श्योरर को जमा करना होगा।
इंश्योरेंस कंपनी आपके क्लेम को वेरिफाई करेगी और उसके बाद रीइम्बर्स्मन्ट अमाउंट आपके बैक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा।
कोरोनावायरस इंश्योरेंस कवर पर महत्वपूर्ण तथ्य
कोरोनावायरस इंश्योरेंस को खरीदने से पहले जो भारत में उपलब्ध हैं, आपको पॉलिसी से संबंधित कुछ तथ्य पता होने चाहिए। यहां कुछ महत्वपूर्ण तथ्य दिए गए हैं, जो आपको कॉरोनोवायरस हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने से पहले पता होना चाहिए जिसमें COVID-19 शामिल है:
- सम अश्योर्ड: कोरोनावायरस ने दुनिया भर में कई लोगों का जीवन लिया है और डिज़ीज के संपर्क आने के कारण हजारों लोग गंभीर रूप से बीमार हुए हैं। चूंकि COVID-19 के कारण सीरियस रेस्पिरेटरी इलनेस हो सकता है और कुलमिलाकर शरीर की फंक्शनिंग को प्रभावित करता है, इसलिए इसका ट्रीटमेंट बहुत महंगा हो सकता है खासतौर पर अंडरलाइंग डिज़ीज से पीड़ित लोगों के लिए। इसलिए, अपने कोरोनावायरस हेल्थ प्लान के लिए उच्च सम अश्योर्ड राशि चुनना उचित है ताकि आप किसी भी परिस्थिति के लिए उपयुक्त रूप से कवर हो सकें।
- कवरेज: प्लान चुनने से पहले COVID-19 हेल्थ इंश्योरेंस द्वारा प्रदान किए गए कवरेज को सावधानीपूर्वक देखना महत्वपूर्ण है। अधिकतर पॉलिसीज इन-हास्पिटलाइजेशन एक्सपेंस, पोस्ट-हास्पिटलाइजेशन केयर, ICU चार्जेस, OPD चार्जेस, एम्बुलेंस चार्जेस आदि के लिए कवरेज ऑफर करते हैं।
- वेटिंग पीरियड: कोरोनावायरस के लिए हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय, पॉलिसी के तहत इनबिल्ट वेटिंग पीरियड की जांच करना महत्वपूर्ण है। लगभग सभी हेल्थ इंश्योरेंस पहले 30 दिनों के वेटिंग पीरियड के साथ आते हैं। हालांकि, कुछ इंश्योरेंस प्रोवाइडर्स, जैसे कि स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस, अपने स्टार नॉवेल कोरोनोवायरस हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत केवल 16 दिनों का वेटिंग पीरियड ऑफर रहे हैं। और कोरोना कवच और कोरोना रक्षक पॉलिसी में वेटिंग पीरियड 15 दिन है। इस अवधि के दौरान, आपके द्वारा फाइल किये गए क्लेम में से कोई भी पॉलिसी के तहत कवर नहीं होगा। इस प्रकार, खरीदने से पहले शुरूआती वेटिंग पीरियड की जांच करना सुनिश्चित करें कि जिसके साथ आपका कोरोनावायरस इंश्योरेंस आता है।
भारत में COVID 19 हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी के बारे अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: क्या मेरी मौजूदा हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी कोरोनोवायरस डिज़ीज को कवर करती है?
उत्तर: हाँ, मौजूदा हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसीज़ कोरोनावायरस (COVID-19) डिज़जी के लिए ट्रीटमेंट के खर्चों को कवर करेंगी। ऐसे लोग, जिनके पास पहले से हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी है, वे कोरोनावायरस डिज़ीज के ट्रीटमेंट में होने वाले एक्सपेंसेस को क्लेम कर सकेंगे। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति COVID-19 के लिए पॉजिटिव टेस्ट होने के बाद हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदता है, तो उनका हेल्थ इंश्योरर ट्रीटमेंट के खर्चों को कवर नहीं करेगा।
प्रश्न: मैं कोरोनावायरस हेल्थ इन्शुरन्स प्लान को ऑनलाइन कैसे खरीद सकता हूं?
उत्तर: आप कोरोनावायरस के लिए कोरोनोवायरस हेल्थ इंश्योरेंस को आसानी से ऑनलाइन खरीद सकते हैं। आपको पहले कोरोनावायरस हेल्थ प्लान चुनना होगा जिसे आप खरीदना चाहते हैं। आवश्यक विवरण भरें और इंश्योरेंस प्रीमियम का ऑनलाइन भुगतान करें। भुगतान हो जाने के बाद, आपको COVID-19 हेल्थ इंश्योरेंस जारी किया जाएगा।
प्रश्न: क्या कोरोनोवायरस इंश्योरेंस द्वारा होम केयर कवर होता है?
उत्तर: अधिकतर कोरोनावायरस हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी होम केयर के खर्चों को कवर करती है यदि यह डॉक्टर द्वारा इसकी सिफारिश की जाती है। हालांकि, अधिकतर इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा होम क्वारंटाइन-संबंधी एक्सपेंसेस कवर नहीं होता है। इसलिए, अपने हेल्थ इंश्योरेंस प्रोवाइडर के साथ जांच करना उचित है।
प्रश्न: क्या कोरोनावायरस हेल्थ इन्शुरन्स पर कोई वेटिंग पीरियड लागू होता है?
उत्तर: हां कोरोनावायरस हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी शुरू होने की तारीख से 16 दिनों या 30 दिनों के वेटिंग पीरियड के साथ आता है। इसलिए, किसी भी प्रारंभिक वेटिंग पीरियड के बारे में अपने इंश्योरेंस प्रोवाइडर के साथ जांच करना उचित है।
प्रश्न: क्या कोरोनॉयरस हेल्थ इन्शुरन्स के तहत कैशलेस और रीइम्बर्स्मन्ट सुविधा उपलब्ध है?
उत्तर: हां भारत में इंश्योरेंस प्रोवाइडर द्वारा अधिकतर कोरोनावायरस हेल्थ प्लान्स कैशलेस और रीइम्बर्स्मन्ट दोनों सुविधाएं प्रदान करते हैं। जबकि कैशलेस क्लेम्स का लाभ इन्श्योरर के इम्पैनल्ड हास्पिटल पर ट्रीटमेंट लेकर लिया जा सकता है, रीइम्बर्स्मन्ट क्लेम्स तब फाइल किया जा सकता है यदि इन्श्योर्ड कोरोना का उपचार इंश्योरेंस प्रोवाइडर के नॉन-नेटवर्क हास्पिटल में होता है।
प्रश्न: क्या भारत में COVID-19 कोरोनावायरस डिज़ीज के लिए हेल्थ इन्शुरन्स उपलब्ध है?
उत्तर: हां भारत में कई हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां कोरोनावायरस के लिए डेडीकेटेड हेल्थ इंश्योरेंस ऑफर कर रही है। कोरोनवायरस वायरस इंश्योरेंस ऑफर करने वाली कुछ इंश्योरेंस कंपनियों में केयर हेल्थ इंश्योरेंस (पहले रेलिगेयर हेल्थ इंश्योरेंस के नाम से जाना जाता था), डिजिट हेल्थ इंश्योरेंस, स्टार हेल्थ इंश्योरेंस और कई अन्य शामिल हैं।
कोरोनावायरस के लिए हेल्थ इन्शुरन्स से संबंधित न्यूज
COVID-19 वारियर्स: हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम को एक और वर्ष के लिए बढ़ाया गया
सोमवार को यूनियन हेल्थ मिनिस्टर ने घोषणा की थी कि हेल्थ केयर वर्कर्स के लिए इंश्योरेंस स्कीम 20 मार्च से शुरू होने वाले एक साल के लिए प्रभावी होगी। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज योजना ने COVID-19 संबंधित आपदा के मामले में हेल्थ वर्कर्स के परिवारों को एक सेफ्टी नेट प्रदान किया। लेकिन अब यह योजना 24 अप्रैल को समाप्त होनी थी, जिसके कारण हेल्थ वर्कर्स बिना किसी इंश्योरेंस सपोर्ट के हो जाएंगे।
PMGKP प्लान हेल्थ वारियर्स को 50 लाख रुपये का हेल्थ कवर प्रदान करती है, जिन्होंने COVID-19 बीमारी से अपनी जान गंवा दी। MoHFW के अनुसार स्कीम के तहत 50 लाख रुपये तक का हेल्थ इंश्योरेंस कवर प्रदान किया जाता है और इन्श्योरर द्वारा अब तक लगभग 287 क्लेम्स का भुगतान किया गया है। अब यह सुनिश्चित करने के लिए कि तारीख को एक और वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है ताकि हेल्थकेयर कर्मचारियों के पास सेफ्टी इंश्योरेंस नेट है।
इसके अलावा, इंश्योरेंस कंपनियां भी अपने कर्मचारियों और एजेंटों को भी वैक्सीनेट करने की व्यवस्था करती हैं।
इन्श्योरर COVID-19 वैक्सीनेशन के लिए अपने पॉलिसीहोल्डर का सहयोग करें- IRDAI
इंश्योरेंस रेग्युलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने हाल ही में सभी एलिजिबल पॉलिसीहोल्डर के लिए COVID-19 वैक्सीनेशन की व्यवस्था करने के लिए सभी इन्श्योरर को एक सर्कुलर जारी किया है। रेगुलेटर ने उन्हें अधिकतम लोगों को इनोक्यूलेटेड करने के लिए विशेष व्यवस्था करने के लिए भी कहा है।
इंश्योरेंस प्रोवाइडर्स को लिखे पत्र में, IRDAI ने उन्हें अपने पॉलिसी होल्डर के लिए वैक्सीनेशन की विशेष व्यवस्था करने के लिए कहा है, जिसे उनकी पॉलिसी विकल्प के अनुसार गवर्मेंट सुविधा या प्राइवेट सुविधा पर ग्रुप या इंडिविजुअल के अनुसार किया जा सकता है। IRDAI ने कहा कि इन्श्योरर पॉलिसीहोल्डर्स को SMS या ईमेल भेजकर वैक्सीनेशन के बारे में जागरूकता पैदा कर सकते हैं।
और, वे पॉलिसी की पहले से प्री-बुकिंग स्लॉट द्वारा एक व्यवस्थित रूप में एक समूह के रूप में वैक्सीनेशन करने के लिए पॉलिसीहोल्डर की सहायता करनी चाहिए। साथ ही, उन्हें दूसरे वैक्सीन शॉट भी प्रदान करना चाहिए।
इसके अलावा, इंश्योरेंस कंपनियां भी अपने कर्मचारियों और एजेंटों को भी वैक्सीनेट करने की व्यवस्था करती हैं।
COVID हेल्थ इन्शुरन्स प्लान की वैधता 30 सितंबर तक बढ़ा दी गई है- IRDAI
इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने हाल ही में COVID-19 के लिए विशेष मेडिकल इंश्योरेंस पॉलिसीज यानी कोरोना रक्षक और कोरोना कवच पॉलिसियों की बिक्री और रिनुअल की वैधता की तिथि बढ़ाने की घोषणा की है। कोरोनावायरस महामारी की दूसरी लहर के बीच यह निर्णय लिया गया है। अब कवरेज 30 सितंबर, 2021 तक वैध रहेगा। पॉलिसी गाइडलाइन्स में कोई बदलाव नहीं हुआ है और सभी नियम और शर्तों समान रहेंगी
यह जानकारी 24 मार्च 2021 को जारी IRDAI के सर्कुलर पर आधारित है। कोरोना कवच एक स्टैंडर्ड क्षतिपूर्ति(इन्डेम्निटी) आधारित प्रोडक्ट्स हैं और कोरोना रक्षक 26 जून, 2020 का स्टैंडर्ड बेनेफिट बेस्ड प्रोडक्ट है। सभी इन्श्योर्ड अब 30 सितम्बर 2021 तक रिनुअल ऑफर करेंगे।
वर्तमान में, ये कोरोनोवायरस हेल्थ इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स को 5 महीने, 6.5 महीने और 9.5 महीने, अर्थात् क्रमशः 105, 195 और 285 दिनों की अवधि के लिए खरीदे जा सकते हैं।
हेल्थ इन्शुरन्स के तहत कवर किए जाने वाले COVID-19 वैक्सीन से रिएक्शन - IRDAI
इन्श्योरेंस रेगुलेटर और डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने बताया कि कोरोनावायरस इन्फेक्शन से किसी प्रतिकूल रिएक्शन का इश्योरर द्वारा भुगतान किया जाएगा। पॉलिसीहोल्डर हेल्थ इंश्योरेंस प्लान के तहत हास्पिटलाइजेशन की एक्सपेंसेस और ट्रीटमेंट की लागत के लिए क्लेम फाइल कर सकता है। क्लेम सेटलमें अन्य हेल्थ इंश्योरेंस प्लान्स के तरह होगा, और सभ प्रोसीजर्स और डॉक्यूमेंटेशन समान रहेंगे।
कोरोनावायरस केसेस ने भारत में हेल्थ इन्शुरन्स के बारे में जागरूकता बढ़ाई है
पॉलिसीबाजार द्वारा किए गए एक कन्ज्यूमर सेंटीमेंट सर्वे के आधार पर, 80% रेस्पोंडेंट ने कहा कि वे हेल्थ इंश्योरेंस के महत्व से परिचित हैं विशेष रूप से COVID-19 जैसी महामारी के दौरान। और लगभग 51% रेस्पोंडेंट ने भारत में कोरोनवायरस के लिए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को खरीदने पर विचार किया। लगभग 47% ने इसे अच्छी निवेश अवधि माना। COVID-19 के दौरान इंश्योरेंस, इन्वेस्टमेंट और घर के प्रति कन्ज्यूमर की भावनाओं का विश्लेषण करने के लिए ऑनलाइन सर्वे किया गया था। हालांकि जागरूकता बढ़ी है लेकिन हेल्थ इंश्योरेंस में निवेश अभी भी कम है।
COVID-19 मरीजों के संपर्क में आने वाले कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ को कवर करने के लिए PM इंश्योरेंस प्लान
15 मई, 2020 को हुई एक हालिया सुनवाई में, भारत सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट को प्रधान मंत्री गरीब कामगार पैकेज के तहत दिए जाने वाले हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज को आवश्यक सर्विसेज, कॉन्ट्रैक्टर पर काम करने वाले सिविक वर्कर्स और कोरोनोवायरस पॉजिटिव पेसेंट का सामना करने वाले लोगों के लिए बढ़ाने के बारे में बताया। यह स्कीम हेल्थ वर्कर्स को 50 लाख रुपये का कवरेज देती है।
यह हेल्थ इंश्यारेेंस स्कीम Covid-19 ड्यूटी करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को कवर करेगी, जो अन्य COVID पॉजिटिव रोगियों से संक्रमित होते हैं। यह स्कीम पब्लिक और प्राइवेट इस्टैब्लिश्मन्ट दोनों में सभी फ्रंटलाइन हेल्थकेयर वर्कर्स को लाभान्वित करेगी और कन्ट्रैक्चूअल और पर्मानेंट कर्मचारी दोनों तरह के कर्मचारियों के लिए है। यह डेथ कवर भी ऑफर करती है। इसलिए, यह योजना NMMC के इलिजबल कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को भी कवर करेगी।